कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

October 14, 2006

वो नहीं मिलता मुझे इसका गिला अपनी जगह

वो नहीं मिलता मुझे इसका गिला अपनी जगह
उसके मेरे दरमियाँ फासिला अपनी जगह

(गिला : complaint; दरमियाँ : in between; फासिला : distance)

ज़िन्दगी के इस सफ़र में सैकड़ों चेहरे मिले
दिल-कशी उनकी अलग, पैकर तेरा अपनी जगह

(सफ़र : journey; दिल-कशी : charm; पैकर : benchmark, paradigm)

तुझसे मिल कर आने वाले कल से नफ़रत मोल ली
अब कभी तुझसे ना बिछरूँ ये दुआ अपनी जगह

इस मुसलसल दौड में है मन्ज़िलें और फासिले
पाँव तो अपनी जगह हैं रास्ता अपनी जगह

(मुसलसल : continuous; मन्ज़िलें और फासिले : destinations and distances)

1 Comment »

  1. kya app mhuje ashi love ki aveta sand kar skate ho app ke

    Comment by joney kumar — April 19, 2007 @ 3:10 pm | Reply


RSS feed for comments on this post. TrackBack URI

Leave a comment

Blog at WordPress.com.