हर गोशा गुलिस्तान था कल रात जहाँ मैं था,
एक जशन -ऐ -बहारां था कल रात जहाँ मैं था,
नगमें थे हवाओं में जादू था फ़िज़ाओं मे,
हर साँस ग़ज़लफान था कल रात जहाँ मैं था,
दरिया -ऐ -मोहब्बत में कश्ती थी जवानी की,
जज्बात का तूफान था कल रात जहाँ मैं था,
महताब था बाहों में जलवे थे निगाहों मे,
हर सिंत चरागाँ था कल रात जहाँ मैं था,



Correct Lyrics:
kal raat jahan mein
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Jagjit Singh
(Jagjit Singh, Khalid Kuwaiti)
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हर गोशा गुलिस्ता था, कल रात जहाँ मैं था,
हर गोशा गुलिस्ता था, कल रात जहाँ मैं था,
एक जश्ने बहारा था, कल रात जहाँ मैं था,
हर गोशा गुलिस्ता था, कल रात जहाँ मैं था.
नगमे थे हवाओं में, जादू था फिजाओं में,
नगमे थे हवाओं में, जादू था फिजाओं में,
हर साँस ग़ज़ल ख्वान था, कल रात जहाँ मैं था,
हर साँस ग़ज़ल ख्वान था, कल रात जहाँ मैं था.
दरिया ए मोहब्बत में कश्ती थी जवानी की ,
दरिया ए मोहब्बत में कश्ती थी जवानी की ,
जज़्बात का तूफ़ा था ,कल रात जहाँ मैं था,
हर गोशा गुलिस्ता था, कल रात जहाँ मैं था.
महताब था बाहों में , जलवे थे निगाहों में,
महताब था बाहों में , जलवे थे निगाहों में,
हर सिम्त चरागा था , कल रात जहाँ मैं था,
हर गोशा गुलिस्ता था, कल रात जहाँ मैं था,
एक जश्ने बहारा था, कल रात जहाँ मैं था.
गोशा- Angle, Cell, Corner, Lobe, Privacy
गुलिस्ता – Rose Garden
जश्ने – Jubilee
बहारा – Spring
महताब – Moonlight
जलवे – Luster, Splendor, Display, Show
सिम्त – Direction,Orient
चरागा – Celebration Of Lights
ग़ज़ल ख्वान – Singing
Comment by Chetan — फ़रवरी 15, 2009 @ 7:52 अपराह्न |