मुझसे बिछड़ के खुश रहते हो,
मेरी तरह तुम भी झूठे हो,
इक टहनी पर चाँद टिका था,
मैंने ये समझा तुम बैठे हो,
उजले उजले फूल खिले थे,
बिल्कुल जैसे तुम हँसते हो,
मुझ को शाम बता देती है,
तुम कैसे कपड़े पहने हो,
तुम तन्हा दुनिया से लडोगे,
बच्चों सी बातें करते हो,
Lyrics: Dr. Bashir Badr
Singer: Jagjit Singh



