कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

October 4, 2007

दर्द से मेरा दामन भर दे या अल्लाह

दर्द से मेरा दामन भर दे या अल्लाह,
फिर चाहे दीवाना कर दे या अल्लाह,

मैंने तुझ से चाँद सितारे कब मांगे,
रोशन दिल बेदार नज़र दे या अल्लाह,

सूरज सी एक चीज़ तो हम सब देख चुके,
सचमुच की अब कोई सहर दे या अल्लाह,

या धरती के ज़ख्मों पर मरहम रखदे,
या मेरा दिल पत्थर कर दे या अल्लाह,

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