ये तो नही के गम नही,
हाँ मेरी आँख नम नही,
तुम भी तो तुम नहीं हो आज,
हम भी तो आज हम नही,
अब न खुशी की है खुशी,
गम का भी अब तो गम नही,
मौत अगर चेमौत है,
मौत से ज़ीस्त कम नही,
ये तो नही के गम नही,
हाँ मेरी आँख नम नही,
तुम भी तो तुम नहीं हो आज,
हम भी तो आज हम नही,
अब न खुशी की है खुशी,
गम का भी अब तो गम नही,
मौत अगर चेमौत है,
मौत से ज़ीस्त कम नही,
ऐ खुदा रेत के सेहरा को समंदर कर दे,
यह छलकती हुयी आखो को भी पत्थर कर दे,
तुझ को देखा नही, महसूस किया है मैंने,
आ किसी दिन मेरे अहसास को पय्कर कर दे,
और कुछ डर मुझे, डरकर नही है लकिन,
मेरी चादर मेरे पैरो के, बराबर कर दे,