कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

October 16, 2007

जवान है रात सकिया शराब ला शराब ला

जवान है रात सकिया शराब ला शराब ला,
ज़रा सी प्यास तो बुझा शराब ला शराब ला,

तेरे शबाब पर सदा करम रहे बहार का,
तुझे लगे मेरी दुआ शराब ला शराब ला,

यहाँ कोई न जी सका न जी सकेगा होश में,
मिटा दे नाम होश का शराब ला शराब ला,

तेरा बड़ा ही शुक्रिया पिलाए जा पिलाए जा,
न ज़िक्र कर हिसाब का शराब ला शराब ला,

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