जब तेरा नाम प्यार से लिखती हैं ऊँगलियाँ,
मेरी तरफ़ ज़माने की उठती हैं ऊँगलियाँ,
दामन सनम का हाथ में आया था एक पल,
दिन रात उस एक पल से महकती हैं ऊँगलियाँ,
जब से दूर हो गए हो उस दिन से ही सनम,
बस दिन तुम्हारे आने के गिनती हैं ऊँगलियाँ,
पत्थर तराश कर ना बना ताज एक नया,
फनकार के ज़माने में कट्ठी हैं ऊँगलियाँ,




Hi..
A small correcation..
जब तेरा नाम प्यार से लिखती हैं ऊँगलियाँ,
Should be ..
जब नाम तेरा प्यार से लिखती हैं ऊँगलियाँ,
Thx
Yogesh
Comment by Yogesh — September 25, 2008 @ 2:21 pm |
* correction
Comment by Yogesh — September 25, 2008 @ 2:27 pm |