कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

October 31, 2007

बहुत खूबसूरत है आँखे तुम्हारी

बहुत खूबसूरत है, आँखे तुम्हारी,
अगर हो इनयात, ऐ जाने मोहब्बत,
गारा देगी ये दिल को, किस्मत हमारी,

जो सबसे जुदा है, वो अंदाज़ हो तुम,
छुपा था जो दिल मे, वो ही राज़ हो तुम,

तुम्हारी नजाकत, बनी जबसे चाहत,
सुकून बन गई है, हर एक बेकरारी,

न थे जब तलक तुम, हमारी नजर में,
न था चाँद शब में, न सूरज सहर में,

तुम्हारी इजाज़त, तुम्हारी हुकूमत,
ये सारा गगन है, ये धरती है सारी,

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