एक परवाज़ दिखाई दी है
एक परवाज़ दिखाई दी है,
तेरी आवाज़ सुनाई दी है,
जिस की आँखों में कटी थीं सदियां,
उस ने सदियों की जुदाई दी है,
सिर्फ़ एक सफ़हा पलटकर् उस ने,
बीती बातों की सफ़ाई दी है,
फिर वहीं लौट के जाना होगा,
यार ने कैसी रिहाई दी है,
आग ने क्या क्या जलाया है शव पर,
कितनी ख़ुश-रंग दिखाई दी है,


