ये भी क्या एहसान कम है देखिये न आप का,
हो रहा है हर तरफ़ चर्चा हमारा आप का,
चाँद में तो दाग है पर आप में वो भी नही,
चौध्वी के चाँद से बढ़के है चेहरा आप का,
इश्क में ऐसे भी हम डूबे हुए हैं आप के,
अपने चेहरे पे सदा होता है धोखा आप का,
चाँद-सूरज, धुप-सुबह, कहकशा तारे शमा,
हर उजाले ने चुराया है उजाला आप का,



