कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

November 19, 2007

इश्क क्या है

इश्क क्या है, इश्क इबादत,
इश्क है इमान,

इश्क जगाये, पत्थर में भी,
दिल में हो, जैसे अरमा,

इश्क में मरना, इश्क में जीना,
इश्क का दामन, छोड़ कभी न,

इश्क को जिसने, जान लिया है,
उसने रब को, मान लिया है,

इश्क में खुशियो का मौसम है,
इश्क में आंसू, इश्क में गम है,

इश्क में जो भी खोया,
खो देता, अपनी पहचान,

इश्क सफर है, इश्क मुसाफिर,
इश्क छिपा है, इश्क है जाहिर,

इश्क ग़ज़ल है, इश्क तराना,
इश्क का जादू, सदियों पुराना,

इश्क में दिल खिलते है,
यह दिल हो जाते विरान,

2 Comments »

  1. wah ishq ki itni khusurat ada,hum bhi ishq mein jeeyw the ek din ,mare bhi the ek din,jo aaya hi nahi kabhi,uske liyr jiye the ek din

    Comment by mehek — November 28, 2007 @ 2:00 pm | Reply

  2. एक जबरदस्त रचना ..बधाई ..यहाँ आप ताज के बारे में कुछ और जान सकते हैं.

    TajMahal

    Comment by tajmahal — January 6, 2008 @ 12:42 pm | Reply


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