कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

November 20, 2007

अब खुशी है न कोई गम

अब खुशी है न कोई गम रुलाने वाला,
हमने अपना लिया हर रंग ज़माने वाला,

उसको रुखसत तो किया था मुझे मालूम न था,
सारा घर ले गया, घर छोड़ के जाने वाला,

इक मुसाफिर के सफर जैसी है सबकी दुनिया,
कोई जल्दी में कोई देर से जाने वाला,

एक बे-चेहरा सी उम्मीद है चेहरा-चेहरा,
जिस तरफ़ देखिये आने को है आने वाला,

No Comments Yet »

No comments yet.

RSS feed for comments on this post. TrackBack URI

Leave a comment

Blog at WordPress.com.