तुम हमारे नही तो क्या गम है,
हम तुम्हारे तो है यह क्या कम है,
हुस्न की शोखिया ज़रा देखो,
गाहे शोला है गाहे शबनम है,
मुस्कुरा दो ज़रा खुदा के लिए,
शम-ऐ-मफिल में रौशनी कम है,
बन गया है यह ज़िंदगी अब तो,
तुझ से बढकर हमे तेरा गम है,
November 20, 2007
तुम हमारे नही तो क्या गम है
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