अब तो घबरा के ये कहते हैं के मर जायेंगे,
मर के भी चैन ना पाया तो किधर जायेंगे,
लाये जो मस्त हैं तुरबत पे गुलाबी आँखें,
और अगर कुछ नहीं दो फूल तो धर जायेंगे,
हम नहीं वो जो करें खून का दावा तुझसे,
बल्क़ि पूछेगा ख़ुदा भी तो मुकर जायेंगे,
Lyrics: Ibrahim Zauq
Singer: Jagjit Singh


