सर ही न झुका
सर ही न झुका, दिल भी तो झुका,
कल्याण यंही होगा, निर्वाण यही होगा,
इन दीवारों से बातें कर,
मत छलका तू मन का सागर,
जीवन में यह सन्नाटा भर,
फिर कान लगा, कल्याण यंही होगा,
Singer: Jagjit Singh
सर ही न झुका, दिल भी तो झुका,
कल्याण यंही होगा, निर्वाण यही होगा,
इन दीवारों से बातें कर,
मत छलका तू मन का सागर,
जीवन में यह सन्नाटा भर,
फिर कान लगा, कल्याण यंही होगा,
Singer: Jagjit Singh
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Supereb
Comment by Anshuman — November 27, 2007 @ 6:41 pm