कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

November 22, 2007

मेहरबां हो के बुला लो

मेहरबां हो के बुला लो मुझे चाहो जिस वक़्त,
मै गया वक़्त नहीं हूं के फिर आ भी ना सकूं,

ज़ौफ़ में ता नये अग़ियार का शिकवा क्या है,
बात कुछ सर तो नहीं है के उठा भी ना सकूं,

ज़हर मिलता ही नहीं मुझको सितमगर वरना,
क्या क़सम है तेरे मिलने की के खा भी ना सकूं,

Lyrics: Mirza Ghalib
Singer: Jagjit Singh, Chitra Singh

1 Comment »

  1. this is a very nice pherse………..
    ज़हर मिलता ही नहीं मुझको सितमगर वरना,
    क्या क़सम है तेरे मिलने की के खा भी ना सकूं,

    Comment by mahesh — March 12, 2008 @ 10:05 am | Reply


RSS feed for comments on this post. TrackBack URI

Leave a comment

Blog at WordPress.com.