ओस पड़े बहार पर आग लगे कनार में,
तुम जो नहीं कनार में लुत्फ़ ही क्या बहार में,
उस पे करे ख़ुदा रहम गर्दिश-ए-रोज़गार में,
अपनी तलाश छोड़कर जो है तलाश-ए-यार में,
हम कहीं जानेवाले हैं दामन-ए-इश्क़ छोड़कर,
ज़ीस्त तेरे हुज़ूर में मौत तेरे दयार में,
Lyrics: Jigar Moradabadi
Singer: Chitra Singh



