कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

November 22, 2007

ये किसका तसव्वुर है

ये किसका तसव्वुर है ये किसका फ़साना है,
जो अश्क है आँखों में तस्बीह का दाना है,

आँखों में नमी सी है चुप-चुप से वो बैठे हैं,
नज़ुक सी निगाहों में नाज़ुक सा फ़साना है,

ये इश्क़ नहीं आसां इतना तो समझ लीजे,
एक आग का दरिया है और ड़ूब के जाना है,

या वो थे ख़फ़ा हम से या हम थे ख़फ़ा उनसे,
कल उन का ज़माना था आज अपना ज़माना है,

Lyrics: Jigar Moradabadi
Singer: Chitra Singh

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