तुझे ढ़ूंढ़ता था मैं चारसूं तेरी शान जल्लेजलाल हूं,
तू मिला क़रीब-ए-रग-ए-गुलूं तेरी शान जल्लेजलाल हूं,
तेरी याद में है कली कली है चमन चमन में हुबल अली,
तू बसा है फूल में हू-ब-हू तेरी शान जल्लेजलाल हूं,
तेरे हुक्म से जो हवा चली तो चटक के बोली कली कली,
है करीम तू रहीम तू तेरी शान जल्लेजलाल हूं,
तेरा जलवा दोनों जहां में है तेरा नूर कोनोमकां में है,
यहां तू ही तू वहां तू ही तू तेरी शान जल्लेजलाल हूं,
Singer: Jagjit Singh



