मुझको उनसे प्यार बहुत है,
शहर मे ये तकरार बहुत है,
आंखे जैसे फूल कवल का,
चेहरा उनका रूप ग़ज़ल का,
जुल्फों की मेह्कार बहुत है,
मुझको उनसे प्यार बहुत है,
चाँद भी देखे तो शरमाये,
तारों को भी नींद न आये,
एक उनका दीदार बहुत है,
मुझको उनसे प्यार बहुत है,
मेरी सारी शौहरत ले लो,
दुनिया भर की दौलत ले लो,
मुझको मेरा यार बहुत है,
मुझको उनसे प्यार बहुत है,
Lyrics: Zahid
Singer: Jaswinder Singh



masha ala gazab ki hai likhayi,sundar
Comment by mehhekk — दिसम्बर 2, 2007 @ 6:56 अपराह्न |
kazem alsaher
I Googled for something completely different, but found your page…and have to say thanks. nice read.
ट्रैकबैक by kazem alsaher — जनवरी 4, 2008 @ 5:14 अपराह्न |
bahut he badiya gazla hai
Comment by puru — जनवरी 1, 2010 @ 10:56 अपराह्न |