कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

December 1, 2007

तेरे बारें में जब सोचा नहीं था

तेरे बारें में जब सोचा नहीं था,
मैं तन्हा था मगर इतना नहीं था,

तेरी तस्वीर से करता था बातें,
मेरे कमरे में आईना नहीं था,

समन्दर ने मुझे प्यासा ही रखा,
मैं जब सहरा में था प्यासा नहीं था,

मनाने रुठने के खेल में,
बिछड जायेगे हम ये सोचा नहीं था,

सुना है बन्द करली उसने आँखे,
कई रातों से वो सोया नहीं था,

Lyrics: Meraz
Singer: Jagjit Singh

2 Comments »

  1. its just marvolous

    Comment by mehhekk — December 1, 2007 @ 4:24 pm | Reply

  2. hi. my friend. this is one of my favorite gazal of jagjit singh

    Comment by Jiya — January 28, 2009 @ 4:25 pm | Reply


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