कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

December 12, 2007

देखना जज़्बे मोहब्बत का असर आज की रात

देखना जज़्बे मोहब्बत का असर आज की रात
मेरे शाने पे है उस शोख़ का सर आज की रात

नूर ही नूर है किस सिम्त उठाऊं आँखें
हुस्न ही हुस्न है ता हद-ए-नज़र आज की रात

नग़मा-ओ-मै का ये तूफ़ान-ए-तरब क्या कहना
मेरा घर बन गया ख़ैयाम का घर आज की रात

नर्गिस-ए-नाज़ में वो नींद का हल्क़ा सा ख़ुमार
वो मेरे नग़मा-ए-शीरीं का असर आज की रात

Lyrics: Majaz
Singer: Jagjit Singh

1 Comment »

  1. देखना जज़्बे मोहब्बत का असर आज की रात….
    बहुत बढ़िया दिलकश प्रस्तुति धन्यवाद

    Comment by mahendra mishra — December 12, 2007 @ 2:54 pm | Reply


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