कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

March 11, 2008

गम मुझे हसरत मुझे

गम मुझे हसरत मुझे वहशत मुझे सौदा मुझे,
एक दिल देकर खुदा ने दे दिया क्या क्या मुझे,

ये नमाज-ऐ-इश्क है कैसा आदाब किसका आदाब,
अपने पाये नाज़ पर करने भी दो सजदा मुझे,

देखते ही देखते दुनिया से मैं उठ जाऊंगा,
देखती ही देखती रह जायेगी दुनिया मुझे

2 Comments »

  1. wah khub

    Comment by mehhekk — March 12, 2008 @ 8:10 pm | Reply

  2. just feel just touch an……….art of living

    Comment by takeshay — May 27, 2008 @ 5:52 pm | Reply


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