कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

March 17, 2008

हम तो हैं परदेस में

हम तो हैं परदेस में देश में निकला होगा चाँद,
अपनी रात की छत पर कितना तन्हा होगा चाँद,

जिन आंखों में काजल बनकर तैरी काली रात,
उन आंखों में आंसू का इक कतरा होगा चाँद,

रात ने ऐसा पेच लगाया टूटी हाथ से डोर,
आँगन वाले नीम में जाकर अटका होगा चाँद,

चाँद बिना हर दिन यूँ बीता जैसे युग बीते,
मेरे बिना किस हाल में होगा कैसा होगा चाँद,

Singer: Jagjit Singh

1 Comment »

  1. sundar

    Comment by mehhekk — March 17, 2008 @ 5:40 pm

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