ना मुहब्बत ना दोस्ती के लिए,
वक़्त रुकता नहीं किसी के लिए,
दिल को अपने सज़ा न दे यूं ही,
सोच ले आज दो घडी के लिए,
हर कोई प्यार ढूढता है यहाँ,
अपनी तन्हा सी ज़िंदगी के लिए,
वक़्त के साथ साथ चलता रहे,
यही बेहतर है आदमी के लिए..
ना मुहब्बत ना दोस्ती के लिए,
वक़्त रुकता नहीं किसी के लिए,
दिल को अपने सज़ा न दे यूं ही,
सोच ले आज दो घडी के लिए,
हर कोई प्यार ढूढता है यहाँ,
अपनी तन्हा सी ज़िंदगी के लिए,
वक़्त के साथ साथ चलता रहे,
यही बेहतर है आदमी के लिए..
मेरे दरवाज़े से अब चाँद को रुक्सत कर दो,
साथ आया है तुम्हारे जो तुम्हारे घर से,
अपने माथे से हटा दो ये चमकता हुआ ताज,
फेंक दो जिस्म से किरणों का सुनहरी जेवर,
तुम्ही तनहा मेरा ग़म खाने में आ सकती हो,
एक मुद्दत से तुम्हारे ही लिए रखा है,
मेरे जलते हुए सीने का दहकता हुआ चाँद..
हम तो यूँ अपनी ज़िन्दगी से मिले,
अजनबी जैसे अजनबी से मिले,
हर वफ़ा एक जुर्म हो गया,
दोस्त कुछ ऎसी बेरुखी से मिले,
फूल ही फूल हमने मांगे थे,
दाग ही दाग ज़िंदगी से मिले,
जिस तरह आप हम से मिलते हैं,
आदमी यूँ न आदमी से मिले..
मुझसे मिलने के वो करता था बहाने कितने,
अब गुजारेगा मेरे साथ ज़माने कितने,
मैं गिरा था तो बहुत लोग रुके थे लेकिन,
सोचता हूँ मुझे आए थे उठाने कितने,
जिस तरह मैंने तुझे अपना बना रखा है,
सोचते होंगे यही बात न जाने कितने,
तुम नया ज़ख्म लगाओ तुम्हे इससे क्या है,
भरने वाले है अभी ज़ख्म पुराने कितने,
Singer: Chitra Singh
हम तो हैं परदेस में देश में निकला होगा चाँद,
अपनी रात की छत पर कितना तन्हा होगा चाँद,
जिन आंखों में काजल बनकर तैरी काली रात,
उन आंखों में आंसू का इक कतरा होगा चाँद,
रात ने ऐसा पेच लगाया टूटी हाथ से डोर,
आँगन वाले नीम में जाकर अटका होगा चाँद,
चाँद बिना हर दिन यूँ बीता जैसे युग बीते,
मेरे बिना किस हाल में होगा कैसा होगा चाँद,
Singer: Jagjit Singh
दिल के उजले कागज़ पर हम कैसा गीत लिखें,
बोलो तुमको गैर लिखें या अपना मीत लिखें,
नीले अम्बर की अंगनाई में तारों के फूल,
मेरे प्यासे होटों पर है अंगारों के फूल,
इन फूलों को आख़िर अपनी हार या जीत लिखें,
कोई पुराना सपना दे दो और कुछ मीठे बोल,
लेकर हम निकले है अपनी आखों के कश खोल,
हम बंजारे प्रीत के मारे क्या संगीत लिखें,
शाम खड़ी है एक चमेली के प्याले में शबनम,
जमुना जी के ऊंगली पकड़े खेल रहा है मधुबन,
ऐसे में गंगा जल से राधा की प्रीत लिखें
Singer: Chitra Singh
गम मुझे हसरत मुझे वहशत मुझे सौदा मुझे,
एक दिल देकर खुदा ने दे दिया क्या क्या मुझे,
ये नमाज-ऐ-इश्क है कैसा आदाब किसका आदाब,
अपने पाये नाज़ पर करने भी दो सजदा मुझे,
देखते ही देखते दुनिया से मैं उठ जाऊंगा,
देखती ही देखती रह जायेगी दुनिया मुझे
वो दिल ही क्या तेरे मिलने की जो दुआ न करे,
मैं तुझको भूल के जिंदा रहूँ खुदा न करे,
रहेगा साथ तेरा प्यार ज़िंदगी बनकर,
ये और बात मेरी ज़िंदगी वफ़ा न करे,
सुना है उसको मोहब्बत दुआएं देती है,
जो दिल पे चोट तो खाए मगर गिला न करे,
ये ठीक है नहीं मरता कोई जुदाई मे,
खुदा किसी को किसी से मगर जुदा न करे,
Singer: Jagjit Singh
हम दोस्ती एहसान वफ़ा भूल गए है,
जिंदा तो है जीने की अदा भूल गए है,
हम दोस्ती एहसान वफ़ा भूल गए है,
खुशबु जो लुटाती है मसलती है उसी को,
एहसान का बदला यही मिलता है कली को,
एहसान तो लेते है सिला भूल गए है,
करते है मोहब्बत का और एहसान का सौदा,
मतलब के लिए करते है इमान का सौदा,
डर मौत का और खौफ-ऐ-खुदा भूल गए है,
अब मोम पिघल कर कोई पत्थर नही होता,
अब कोई भी कुर्बान किसी पर नही होता,
यू भटकते है मंजिल का पता भूल गए है,
इश्क क्या है, इश्क इबादत,
इश्क है इमान,
इश्क जगाये, पत्थर में भी,
दिल में हो, जैसे अरमा,
इश्क में मरना, इश्क में जीना,
इश्क का दामन, छोड़ कभी न,
इश्क को जिसने, जान लिया है,
उसने रब को, मान लिया है,
इश्क में खुशियो का मौसम है,
इश्क में आंसू, इश्क में गम है,
इश्क में जो भी खोया,
खो देता, अपनी पहचान,
इश्क सफर है, इश्क मुसाफिर,
इश्क छिपा है, इश्क है जाहिर,
इश्क ग़ज़ल है, इश्क तराना,
इश्क का जादू, सदियों पुराना,
इश्क में दिल खिलते है,
यह दिल हो जाते विरान,
Theme: Rubric. Blog at WordPress.com.