कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

अक्टूबर 16, 2006

आज फिर उनका सामना होगा


आज फिर उनका सामना होगा
क्या पता उसके बाद क्या होगा।

आसमान रो रहा है दो दिन से
आपने कुछ कहा-सुना होगा।

दो क़दम पर सही तेरा कूचा
ये भी सदियों का फ़सला होगा।

घर जलाता है रोशनी के लिए
कोई मुझ सा भी दिलजला होगा।

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2 टिप्पणियाँ »

  1. jagjeet singh ke gaane zindagi ki kitabone ke un pannoon ko yaad dilate hain jinhe insaan na chaahte hue bhi bhool jaata hai. zindagi ki vo sacchai jo har insaan se judi hui hai.
    mere umar to aaj kuch bhi nahin hai. per maine jagjeet singh ji ke jitne gaane sune hain unme mujhe samandar ki vo gehraai dikhai deti hai jisse koi dar nahin lagta. bas doob jaaaoon, doobta hi jaaooonnnn man karta hai. ye gaane har dard ki dawa hain. zindagi jeene ka sahara hain.

    टिप्पणी द्वारा santosh — सितम्बर 24, 2007 @ 11:31 पूर्वाह्न | प्रतिक्रिया

  2. जगजीत सिँहजी के गाने ,
    हृदय की गहराईयोँ को स्पर्श करते है
    जिन पहलुओँ से हम गुजर चुके है
    और उन्हेँ विस्मृत कर दिया
    जब हम जगजीत को सुनते है
    तब कुछ समय के लिए हम बचपन के बीते हुए अतीत मेँ चले जाते है
    उस समय ऐसा आभास होता है
    कि हम बचपन के साथ है

    टिप्पणी द्वारा हरविजय सिंह भदौरिया — अक्टूबर 20, 2010 @ 8:13 पूर्वाह्न | प्रतिक्रिया


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