कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

अक्टूबर 16, 2006

बात साक़ी की न टाली जाएगी


बात साक़ी की न टाली जाएगी
कर के तौबा तोड़ डाली जाएगी।

देख लेना वो न खाली जाएगी
आह जो दिल से निकाली जाएगी।

ग़र यही तर्ज़-ए-फुगाँ है अन्दलीब
तो भी गुलशन से निकाली जाएगी।

आते-आते आएगा उनको ख़याल
जाते-जाते बेख़याली जाएगी।

क्यों नहीं मिलती गले से तेग़-ए-नाज़
ईद क्या अब के भी खाली जाएगी।

फुगाँ = Cry of Pain
अन्दलीब = Nightingale
तेग़ = Sword

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