कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

अक्टूबर 30, 2006

ऐ काश वो किसी दिन


ऐ काश वो किसी दिन तन्हाईयो मे आये
उनको ये राज़-ए-दिल हम महफिल मे क्या बताये

लगता है डर उन्हे तो हमराज़ ले के आये
जो पुछना है पुछे कहना है जो सुनाये

तोबा हमारी हमदम उन्हे हाथ भी लगाये
ऐ काश वो किसी दिन तन्हाईयो मे आये

उन्हे इश्क़ अगर न होता पल्के नही झुकाते
गालो पे शोख बादल ज़ुल्फो के न गिराते

करदे न क़त्ल हमको मासूम ये अदाये
ऐ काश वो किसी दिन तन्हाईयो मे आये

ऐ काश वो किसी दिन् टन्हयियो मेइन् आये
उनको ये राज़-ए-दिल हम महफिल मे क्या बताये

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4 टिप्पणियाँ »

  1. i want this song plz send it to my e mail vishsanjiv@yahoo.com

    टिप्पणी द्वारा sanjeev — मार्च 9, 2007 @ 4:18 अपराह्न | प्रतिक्रिया

  2. please send this to me plzzzzzzzzzzzzzzzzzzzzzzzzzzzz
    my id is ecstasiesrforever@gmail.com

    टिप्पणी द्वारा raju — नवम्बर 15, 2007 @ 7:13 अपराह्न | प्रतिक्रिया

  3. bo nahen gam nahen sarab nahen
    ense tanhae ka jawab nahen

    टिप्पणी द्वारा jitendra baghel — मई 22, 2009 @ 2:02 अपराह्न | प्रतिक्रिया

  4. hiiiii

    टिप्पणी द्वारा jitendra baghel — मई 25, 2009 @ 12:21 अपराह्न | प्रतिक्रिया


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