कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

सितम्बर 11, 2007

झूम के जब रिन्दो ने पिला दी

Filed under: Albums,गज़ल,जगजीत सिहँ,Ghazal,Jagjit Singh,Visions — Amarjeet Singh @ 6:34 अपराह्न

झूम के जब रिन्दो ने पिला दी,
शेख़ ने चुपके चुपके दुआ दी,

एक कमी थी ताजमहल में,
हमने तेरी तस्वीर लगा दी,

आपने झूठा वादा करके,
आज हमारी उम्र बढ़ा दी,

तेरी गली में सजदे करके,
हमने इबादतगाह बना दी,

Advertisements

3 टिप्पणियाँ »

  1. झूम के जब रिन्दो ने पिला दी,
    शेख़ ने चुपके चुपके दुआ दी,

    एक कमी थी ताजमहल में,
    हमने तेरी तस्वीर लगा दी,

    आपने झूठा वादा करके,
    आज हमारी उम्र बढ़ा दी,

    तेरी गली में सजदे करके,
    हमने इबादतगाह बना दी,

    टिप्पणी द्वारा aditya — नवम्बर 28, 2007 @ 5:53 अपराह्न | प्रतिक्रिया

  2. hum naa jaane kab se teri talaash main bhatak rahe the
    Tujhse milne ki justjoo main maut nai thodi mohlat badha di
    kabhi hamaari gali se gujar jaao to kahana
    humane teri tanhaaiyon ki tafseel laga li

    टिप्पणी द्वारा Prakul — नवम्बर 28, 2007 @ 11:06 अपराह्न | प्रतिक्रिया

  3. hi

    टिप्पणी द्वारा manoj — नवम्बर 29, 2007 @ 9:53 पूर्वाह्न | प्रतिक्रिया


RSS feed for comments on this post. TrackBack URI

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

वर्डप्रेस (WordPress.com) पर एक स्वतंत्र वेबसाइट या ब्लॉग बनाएँ .

%d bloggers like this: