कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

नवम्बर 17, 2007

माँ सुनाओ मुझे वो कहानी


माँ सुनाओ मुझे वो कहानी,
जिसमे राजा न हो न हो रानी,

जो हमारी तुम्हारी कथा हो,
जो सभी के ह्रदय की गाथा हो,
गंध जिसमे हो अपनी धारा की,
बात जिसमे न हो अप्सरा की,
हो न परियां जहाँ आसमानी,

वो कहानी को हँसना सिखा दे,
पेट की भूख को भी मिटा दे,
जिसमे सच की भरी चांदनी हो,
जिसमे उम्मीद की रौशनी  हो,
जिसमे न हो कहानी पुरानी,

2 टिप्पणियाँ »

  1. A loving song

    टिप्पणी द्वारा Akram Khan — जुलाई 18, 2009 @ 11:03 पूर्वाह्न | प्रतिक्रिया

  2. corrections..
    जो हमारी तुम्हारी कथा हो,
    जो सभी के ह्रदय की व्यथा** हो,
    गंध जिसमे हो अपनी धारा की,
    बात जिसमे न हो अप्सरा की,
    हो न परियां जहाँ आसमानी,

    टिप्पणी द्वारा manas — जनवरी 14, 2012 @ 1:15 अपराह्न | प्रतिक्रिया


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