कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

नवम्बर 20, 2007

सुनते है के मिल जाती है हर चीज़ दुआ से


सुनते है के मिल जाती है हर चीज़ दुआ से,
एक रोज़ तुझे मांग के देखेगे खुदा से,

दुनिया भी मिली है, गम-ऐ-दुनिया भी मिला है,
वो क्यों नही मिलता जिसे माँगा था खुदा से,

ए दिल तुम उन्हें देख के कुछ ऐसे तड़पना,
आ जाए हँसी उनको बैठे है खफा से,

जब कुछ न मिला हाथ दुआ को उठा कर,
फिर हाथ उठाने ही पड़े हमको दुआ से,


Lyrics: Rana Akbarabadi
Singer: Jagjit Singh

बड़ी नाजुक है


बड़ी नाजुक है ये मंजिल, मोहब्बत का सफर है,
धड़क आहिस्ता से ए दिल, मोहब्बत का सफर है,

कोई सुन ले न ये किस्सा, बहुत डर लगता है,
मगर डरने से क्या हासिल, मोहब्बत का सफर है,

बताना भी नही आसान, छुपाना भी कठिन है,
खुदा अक्सर कदर मुश्किल, मोहब्बत का सफर है,

उजाले दिल के फैले है, चले आओ न जानम,
बहुत ही प्यार के काबिल, मोहब्बत का सफर है,

Singer: Jagjit Singh

अब खुशी है न कोई गम


अब खुशी है न कोई गम रुलाने वाला,
हमने अपना लिया हर रंग ज़माने वाला,

उसको रुखसत तो किया था मुझे मालूम न था,
सारा घर ले गया, घर छोड़ के जाने वाला,

इक मुसाफिर के सफर जैसी है सबकी दुनिया,
कोई जल्दी में कोई देर से जाने वाला,

एक बे-चेहरा सी उम्मीद है चेहरा-चेहरा,
जिस तरफ़ देखिये आने को है आने वाला,

तुम हमारे नही तो क्या गम है


तुम हमारे नही तो क्या गम है,
हम तुम्हारे तो है यह क्या कम है,
हुस्न की शोखिया ज़रा देखो,
गाहे शोला है गाहे शबनम है,
मुस्कुरा दो ज़रा खुदा के लिए,
शम-ऐ-मफिल में रौशनी कम है,
बन गया है यह ज़िंदगी अब तो,
तुझ से बढकर हमे तेरा गम है,

फूल भरे है दामन दामन


फूल भरे है दामन दामन,
लेकिन वीरान गुलशन गुलशन,
अक्ल की बातें करने वाले,
क्या समझेगे दिल की धड़कन,
कौन किसी के दुःख का साथी,
आपने आसू अपना दामन,
तेरा दामन छोडू कैसे,
मेरी दुनिया तेरा दामन,

आखो से यूं आंसू


आखो से यूं आंसू ढलके,
सागर से जैसे मए छलके
हम समझे मफ्हुम-ऐ-भरा,
कोई आया भेष बदल के,
काश बता सकते परवाने,
क्या खोया, क्या पाया जलके
मंजिल तक वो क्या पहुचा,
जिसने देखि राह न चलके,

उठा सुराही


उठा सुराही ले शीशा-ओ-जाम साकी,
फिर इसके बाद खुदा का भी नाम ले साकी,
फिर इसके बाद हमे तिशनगी रहे न रहे,
कुछ और देर मुरवत से काम ले साकी,
फिर इसके बाद जो होगा वो देखा जाएगा,
अभी तो पीने पिलाने से काम ले साकी,
तेरे हजूर में होश-ओ-खिरद से क्या हासिल,
नही है मए तो निगाहों से काम ले साकी,

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