कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

नवम्बर 22, 2007

वो जो हम में तुम में क़रार था


वो जो हम में तुम में क़रार था तुम्हे याद हो के न याद हो,
वही यानी वादा निबाह का तुम्हें याद हो के न याद हो,

वो नये गिले वो शिकायतें वो मज़े मज़े की हिकायतें,
वो हर एक बात पे रूठना तुम्हे याद हो के न याद हो,

कोई बात ऐसी अगर हुई जो तुम्हारे जी को बुरी लगी,
तो बयां से पहले ही भूलना तुम्हे याद हो के न याद हो,

जिसे आप गिनते थे आशना जिसे आप कहते थे बावफ़ा,
मै वही हूँ ‘मोमिन’-ए-मुब्तला तुम्हे याद हो के न याद हो,

Lyrics: Momin Khan ‘Momin’
Singer: Chitra Singh

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