कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

नवम्बर 27, 2007

तुम को देखा तो ये ख़याल आया


तुम को देखा तो ये ख़याल आया,
ज़िंदगी धुप तुम घना छाया,

आज फिर दिल ने इक तमन्ना की,
आज फिर दिल को हमने समझाया,

तुम चले जाओगे तो सोचेंगे,
हमने क्या खोया हमने क्या पाया,

हम जिसे गुनगुना नही सकते,
वक्त ने ऐसा गीत क्यूं गाया,

3 टिप्पणियाँ »

  1. hamem appke yee gazal bahuth pasand aayaa

    टिप्पणी द्वारा shabanamkhan — नवम्बर 28, 2007 @ 2:09 अपराह्न | प्रतिक्रिया

  2. very good choice.this one is everyone’s favorite

    टिप्पणी द्वारा basant arya — नवम्बर 28, 2007 @ 4:43 अपराह्न | प्रतिक्रिया

  3. Just too good, heavenly,, Bina roye ye ghazal sun hi nahi sakte!!

    टिप्पणी द्वारा Monideepa — मई 23, 2009 @ 4:12 अपराह्न | प्रतिक्रिया


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