कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

नवम्बर 29, 2007

दर्द-ऐ-दिल हो एक ग़ज़ल हो


दर्द-ऐ-दिल हो एक ग़ज़ल हो,
दर्द-ऐ-दिल हो एक ग़ज़ल हो,
दर्द-ऐ-दिल हो एक ग़ज़ल हो,

हाथ न आए, हाथ न आए,
हाथ न आए, वो आँचल हो,
दर्द-ऐ-दिल हो एक ग़ज़ल हो,

नूर मे डूबा, नूर मे डूबा,
नूर मे डूबा ताजमहल हो,
दर्द-ऐ-दिल हो एक ग़ज़ल हो,

रूप सलोना, रूप सलोना,
रूप सलोना, नीलकवल हो,
दर्द-ऐ-दिल हो एक ग़ज़ल हो,

Lyrics: Nadeem Parmar
Singer: Jaswinder Singh

आ तुझे दोस्त जान-ऐ-दिल कह दे


आ तुझे दोस्त जान-ऐ-दिल कह दे,
आ तेरे नाम एक ग़ज़ल कह दे,

सोचता हूँ के तेरी आंखो को,
झील कह दे या फिर कवल कह दे,

लब पे हल्की सी मुस्कुराहट को,
जिन्दगी कह दे या अजल कह दे,

इस तेरे पाक से बदन को नदी,
गंगा कह दे या गंगाजल कह दे,

Lyrics: Nadeem Parmar
Singer: Jaswinder Singh

WordPress.com पर ब्लॉग.