कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

दिसम्बर 19, 2007

रात भर दीदा-ए-ग़म नाक में लहराते रहे


रात भर दीदा-ए-ग़म नाक में लहराते रहे
सांस की तरह से आप आते रहे जाते रहे

खुश थे हम अपनी तमन्नाओं का ख़्वाब आएगा
अपना अरमान बर-अफ़्गंदा नक़ाब आएगा

नज़रें नीची किये शर्माए हुए आएगा
काकुलें चेहरे पे बिखराए हुए आएगा

आ गई थी दिल-ए-मुज़्तर में शकेबाई सी
बज रही थी मेरे ग़मखाने में शहनाई सी

शब के जागे हुए तारों को भी नींद आने लगी
आप के आने की इक आस थी अब जाने लगी

सुबह ने सेज से उठते हुए ली अंगड़ाई
ओ सबा तू भी जो आई तो अकेले आई

मेरे महबूब मेरी नींद उड़ानेवाले
मेरे मसजूद मेरी रूह पे छानेवाले

आ भी जा ताकि मेरे सजदों का अरमां निकले

Unsung lines in Bold Italic

Lyrics: Makhdoom Moiuddin
Singer: Jagjit Singh, Asha Bhosle

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