कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

मार्च 21, 2008

ऐसी आंखें नही देखी


ऐसी आंखें नही देखी, ऐसा काजल नही देखा,
ऐसा जलवा नही देखा, ऐसा चेहरा नही देखा,

जब ये दामन की हवा ने, आग जंगल में लगा दे,
जब ये शहरो में जाए, रेत में फूल खिलाये,

ऐसी दुनिया नही देखी, ऐसा मंजर नही देखा,
ऐसा आलम नही देखा, ऐसा दिलबर नही देखा,

उस के कंगन का खड़कना, जैसा बुल-बुल का चहकना,
उस की पाजेब की छम-छम, जैसे बरसात का मौसम,

ऐसा सावन नही देखा, ऐसी बारिश नही देखी,
ऐसी रिम-झिम नही देखी, ऐसी खवाइश नही देखी,

उस की बेवक्त की बाते, जैसे सर्दी की हो राते,
उफ़ ये तन्हाई, ये मस्ती, जैसे तूफान में कश्ती,

मीठी कोयल सी है बोली, जैसे गीतों की रंगोली,
सुर्ख गालों पर पसीना, जैसे फागुन का महीना,

Singer: Jagjit Singh

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1 टिप्पणी »

  1. aaisi zindgi nahi dekhi, aaisi bebasi nahi dekhi
    aaisi dard nahi gekha, aaisi dilagi nagi dekhi
    us ki aaisi khudai, us ki aaisi judai
    us ki dosti nahi dekhi, us ki dushmani nahi dekhi

    टिप्पणी द्वारा Yash — अगस्त 8, 2008 @ 5:12 अपराह्न | प्रतिक्रिया


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