कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

अप्रैल 11, 2008

बज़्म-ए-दुश्मन में बुलाते हो


बज़्म-ए-दुश्मन में बुलाते हो ये क्या करते हो
और फिर आँख चुराते हो ये क्या करते हो

बाद मेरे कोई मुझ सा ना मिलेगा तुम को
ख़ाक में किस को मिलाते हो ये क्या करते हो

छींटे पानी के ना दो नींद भरी आँखों पर
सोते फ़ितने को जगाते हो ये क्या करते हो

हम तो देते नहीं क्या ये भी ज़बरदस्ती है
छीन कर दिल लिये जाते हो ये क्या करते हो

हो ना जाये कहीं दामन का छुड़ाना मुश्किल
मुझ को दीवाना बनाते हो ये क्या करते हो

Singer: Jagjit Singh

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2 टिप्पणियाँ »

  1. Sir I have been a FAN of Yours from the childhood. Have always liked all the songs sung by You. Recently a Live Concert at Kolkata was awsome. This is one of the nice song

    Regards,

    टिप्पणी द्वारा Pankaj Grover — जून 10, 2008 @ 5:56 अपराह्न | प्रतिक्रिया

  2. Can any one please tell me from where i can get this album?

    टिप्पणी द्वारा Sandip — जून 12, 2008 @ 1:53 अपराह्न | प्रतिक्रिया


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