कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

अक्टूबर 30, 2006

ऐ काश वो किसी दिन


ऐ काश वो किसी दिन तन्हाईयो मे आये
उनको ये राज़-ए-दिल हम महफिल मे क्या बताये

लगता है डर उन्हे तो हमराज़ ले के आये
जो पुछना है पुछे कहना है जो सुनाये

तोबा हमारी हमदम उन्हे हाथ भी लगाये
ऐ काश वो किसी दिन तन्हाईयो मे आये

उन्हे इश्क़ अगर न होता पल्के नही झुकाते
गालो पे शोख बादल ज़ुल्फो के न गिराते

करदे न क़त्ल हमको मासूम ये अदाये
ऐ काश वो किसी दिन तन्हाईयो मे आये

ऐ काश वो किसी दिन् टन्हयियो मेइन् आये
उनको ये राज़-ए-दिल हम महफिल मे क्या बताये

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