कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

मार्च 17, 2008

दिल के उजले कागज़ पर


दिल के उजले कागज़ पर हम कैसा गीत लिखें,
बोलो तुमको गैर लिखें या अपना मीत लिखें,

नीले अम्बर की अंगनाई में तारों के फूल,
मेरे प्यासे होटों पर है अंगारों के फूल,
इन फूलों को आख़िर अपनी हार या जीत लिखें,

कोई पुराना सपना दे दो और कुछ मीठे बोल,
लेकर हम निकले है अपनी आखों के कश खोल,
हम बंजारे प्रीत के मारे क्या संगीत लिखें,

शाम खड़ी है एक चमेली के प्याले में शबनम,
जमुना जी के ऊंगली पकड़े खेल रहा है मधुबन,
ऐसे में गंगा जल से राधा की प्रीत लिखें

Singer: Chitra Singh

मार्च 11, 2008

वो दिल ही क्या


वो दिल ही क्या तेरे मिलने की जो दुआ न करे,
मैं तुझको भूल के जिंदा रहूँ खुदा न करे,

रहेगा साथ तेरा प्यार ज़िंदगी बनकर,
ये और बात मेरी ज़िंदगी वफ़ा न करे,

सुना है उसको मोहब्बत दुआएं देती है,
जो दिल पे चोट तो खाए मगर गिला न करे,

ये ठीक है नहीं मरता कोई जुदाई मे,
खुदा किसी को किसी से मगर जुदा न करे,

Singer: Jagjit Singh

नवम्बर 30, 2007

चिराग दिल के जलाओ


चिराग दिल के जलाओ के ईद का दिन है,
तराने झूम के गाओ के ईद का दिन है,

ग़मों को दिल से भुलाओ के ईद का दिन है,
ख़ुशी से बज़्म सजाओ के ईद का दिन है,

हुज़ूर उस की करो अब सलामती की दुआ,
सर-ए-नमाज़ झुकाओ के ईद का दिन है,

सभी मुरादें हों पूरी हर एक सवाली की,
दुआ को हाथ उठाओ के ईद का दिन है,

Lyrics: Qateel Shifai
Singer: Jagjit Sing, Chitra Singh

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