कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

नवम्बर 17, 2007

मय पिलाकर आपका क्या जायेगा


मय पिलाकर आपका क्या जायेगा,
जायेगा ईमान जिसका जायेगा,

देख कर मुझको वो शरमा जायेगा,
ये तमाशा किस से देखा जायेगा,

जाऊं बुतखाने से क्यूं काबे को मैं,
हाथ से ये भी ठिकाना जायेगा,

क़त्ल की जब उसने दी धमकी मुझे,
कह दिया मैंने भी देखा जायेगा,

पी भी ले दो घूँट जाहिद पी भी ले,
मैक़दे से कौन प्यासा जायेगा,

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