कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

नवम्बर 21, 2007

सर ही न झुका


सर ही न झुका, दिल भी तो झुका,
कल्याण यंही होगा, निर्वाण यही होगा,

इन दीवारों से बातें कर,
मत छलका तू मन का सागर,

जीवन में यह सन्नाटा भर,
फिर कान लगा, कल्याण यंही होगा,

Singer: Jagjit Singh

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