कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

दिसम्बर 1, 2007

चांद के साथ कई दर्द पुराने निकले


चांद के साथ कई दर्द पुराने निकले,
कितने गम थे जो तेरे गम के बहाने निकले,

फ़सल-ए-गुल आई फ़िर एक बार असीनाने-वफ़ा,
अपने ही खून के दरिया में नहाने निकले,

दिल ने एक ईंट से तामीर किया हसीं ताजमहल,
तुने एक बात कही लाख फसाने निकले,

दश्त-ए-तन्हाई ये हिजरा में खडा सोचता हुँ,
हाय क्या लोग मेरा साथ निभाने निकले,

Lyrics: Amjad Islam Amjad
Singer: Jagjit Singh

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