कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

नवम्बर 19, 2007

हुस्न वालो का ऐतराम करो


हुस्न वालो का ऐतराम करो,
कुछ तो दुनिया मे नेक काम करो,
शेख जी आये है बव्जू होकर,
अब तो पीने का इन्तेजाम करो,
अभी बरसेंगे हर तरफ़ जलवे,
तुम निगाहों का एह्त्माम करो,
लोग डरने लगे गुनाहों से,
बारिश-ऐ-रहमत-ऐ-तमाम करो,

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