कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

अक्टूबर 23, 2007

जब तेरा नाम प्यार से लिखती हैं ऊँगलियाँ


जब तेरा नाम प्यार से लिखती हैं ऊँगलियाँ,
मेरी तरफ़ ज़माने की उठती हैं ऊँगलियाँ,

दामन सनम का हाथ में आया था एक पल,
दिन रात उस एक पल से महकती हैं ऊँगलियाँ,

जब से दूर हो गए हो उस दिन से ही सनम,
बस दिन तुम्हारे आने के गिनती हैं ऊँगलियाँ,

पत्थर तराश कर ना बना ताज एक नया,
फनकार के ज़माने में कट्ठी हैं ऊँगलियाँ,

WordPress.com पर ब्लॉग.