कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

अक्टूबर 25, 2007

जय रघुनन्दन जय सिया राम


जय रघुनन्दन जय सिया राम,
भज मन प्यारे जय सिया राम,
आदि राम अनंत है राम,
सत चित और अनंत है राम,
हनुमान के स्वामी राम,
दीनन के दुःख हारी राम,
मर्यादा पुर्शोतम राम,
पुरान ब्रम्ह सनातन राम,
तुलसी सुत तुलसी के राम,
करुना कर भक्तो के राम,
जय सिया राम जय जय सिया राम,

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