कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

जून 18, 2008

रिंद जो मुझको समझते हैं


रिंद जो मुझको समझते हैं उन्हे होश नहीं
मैक़दासाज़ हूं मै मैक़दाबरदोश नहीं

पांव उठ सकते नहीं मंज़िल-ए-जाना के ख़िलाफ़
और अगर होश की पूछो तो मुझे होश नहीं

अब तो तासीर-ए-ग़म-ए-इश्क़ यहां तक पहुंची
के इधर होश अगर है तो उधर होश नहीं

मेहंद-ए-तस्बीह तो सब हैं मगर इदराक कहां
ज़िंदगी ख़ुद ही इबादत है मगर होश नहीं

मिल के इक बार गया है कोई जिस दिन से ‘जिगर’
मुझको ये वहम है शायद मेरा था दोष (?) नहीं

ये अलग बात है साक़ी के मुझे होश नहीं
वर्ना मै कुछ भी हूं एहसानफ़रामोश नहीं

जो मुझे देखता है नाम तेरा लेता है
मै तो ख़ामोश हूं हालत मेरी ख़ामोश नहीं

कभी उन मदभरी आँखों से पिया था इक जाम
आज तक होश नहीं होश नहीं होश नहीं

Singer: Jagjit Singh
Lyrics: Jigar Moradabadi, Abdul Hameed ‘Adam’

दिसम्बर 6, 2007

मुद्दत में वो फिर


मुद्दत में वो फिर ताज़ा मुलाक़ात का आलम,
ख़ामोश अदाओं में वो जज़्बात का आलम,

अल्लाह रे वो शिद्दत-ए-जज़्बात का आलम,
कुछ कह के वो भूली हुई हर बात का आलम,

आरिज़ से ढ़लकते हुए शबनम के वो क़तरे,
आँखों से झलकता हुआ बरसात का आलम,

वो नज़रों ही नज़रों में सवालात की दुनिया,
वो आँखों ही आँखों में जवाबात का आलम,

Lyrics: Jigar Moradabadi
Singer: Jagjit Singh

दिसम्बर 1, 2007

इश्क की दास्तान है प्यारे


इश्क की दास्तान है प्यारे,
अपनी अपनी जुबान है प्यारे,

हम जमाने से इन्तकाम तो ले,
एक हसीं दरम्यान है प्यारे,

तू नहीं मैं हुँ, मैं नहीं तू है,
अब कुछ ऎसा गुमान है प्यारे,

रख कदम फुंक-फूक कर नादां,
जर्रे – जर्रे में जान है प्यारे,

Lyrics: Jigar Moradabadi
Singer: Jagjit Singh

नवम्बर 22, 2007

ये किसका तसव्वुर है


ये किसका तसव्वुर है ये किसका फ़साना है,
जो अश्क है आँखों में तस्बीह का दाना है,

आँखों में नमी सी है चुप-चुप से वो बैठे हैं,
नज़ुक सी निगाहों में नाज़ुक सा फ़साना है,

ये इश्क़ नहीं आसां इतना तो समझ लीजे,
एक आग का दरिया है और ड़ूब के जाना है,

या वो थे ख़फ़ा हम से या हम थे ख़फ़ा उनसे,
कल उन का ज़माना था आज अपना ज़माना है,

Lyrics: Jigar Moradabadi
Singer: Chitra Singh

ओस पड़े बहार पर


ओस पड़े बहार पर आग लगे कनार में,
तुम जो नहीं कनार में लुत्फ़ ही क्या बहार में,

उस पे करे ख़ुदा रहम गर्दिश-ए-रोज़गार में,
अपनी तलाश छोड़कर जो है तलाश-ए-यार में,

हम कहीं जानेवाले हैं दामन-ए-इश्क़ छोड़कर,
ज़ीस्त तेरे हुज़ूर में मौत तेरे दयार में,

Lyrics: Jigar Moradabadi
Singer: Chitra Singh

मुझे दे रहे हैं तसल्लियां


मुझे दे रहे हैं तसल्लियां वो हर एक ताज़ा पयाम से,
कभी आके मंज़र-ए-आम पर कभी हट के मंज़र-ए-आम से,

ना ग़रज़ किसी से ना वास्ता मुझे काम अपने ही काम से,
तेरे ज़िक्र से तेरी फ़िक्र से तेरी याद से तेरे नाम से,

मेरे साक़िया मेरे साक़िया तुझे मरहबा तुझे मरहबा,
तू पिलाये जा तू पिलाये जा इसी चश्म-ए-जाम-ब-जाम से,

तेरी सुबह-ओ-ऐश है क्या बला तुझे ऐ फ़लक जो हो हौसला,
कभी कर ले आ के मुक़ाबला ग़म-ए-हिज्र-ए-यार की शाम से,

Lyrics: Jigar Moradabadi
Singer: Jagjit Singh

इश्क़ फ़ना का नाम है


इश्क़ फ़ना का नाम है इश्क़ में ज़िंदगी न देख,
जल्वा-ए-आफ़ताब बन ज़र्रे में रोशनी न देख,

शौक़ को रहनुमा बन जो हो चुका कभी न देख,
आग दबी हुई निकाल आग बुझी हुई न देख,

तुझ को ख़ुदा का वास्ता तू मेरी ज़िंदगी न देख,
जिसकी सहर भी शाम हो उसकी सियाहशवी न देख,

Lyrics: Jigar Moradabadi
Singer: Chitra Singh

वर्डप्रेस (WordPress.com) पर एक स्वतंत्र वेबसाइट या ब्लॉग बनाएँ .