कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

मई 19, 2007

खुश रहे या बहुत उदास रहे


खुश रहे या बहुत उदास रहे ।
जिन्दगी तेरे आस पास रहे ।
आज हम सब के साथ खूब हँसे ,
और फिर देर तक उदास रहे ।
रात के रास्ते भी रोशन हो ,
हाथ में चाँद का गिलास रहे ।
आदमी के लिये जरूरी हैं ,
कोई उम्मीद कोई आस रहे ।

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