कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

नवम्बर 22, 2007

शहरों शहरों आज हैं


शहरों शहरों आज हैं तन्हा दिल पर गहरा दाग़ लिये,
गलियों गलियों हो गये रुसवा दिल पर गहरा दाग़ लिये,

आज गुलिस्तां में फैली है ख़ुशबू तेरी यादों की,
मौसम-ए-गुल है हम हैं तन्हा दिल पर गहरा दाग़ लिये,

रोते-धोते जी को जलाते मंज़िल-ए-शब तक आ पहुंचे,
चेहरे पर है गर्द-ए-तमन्ना दिल पर गहरा दाग़ लिये,

ढ़ूंढ़ने उन को शहर-ए-बुतां में आज गये थे हम भी “अदीब”,
आँख में लेकर ग़म का दरिया दिल पर गहरा दाग़ लिये,

Lyrics: Krishan Adeeb
Singer: Jagjit Singh

जब भी आती है तेरी याद


जब भी आती है तेरी याद कभी शाम के बाद,
और बढ़ जाती है अफ़्सुर्दादिली शाम के बाद,

अब इरादों पे भरोसा है ना तौबा पे यकीं,
मुझ को ले जाये कहां तशनालबी शाम के बाद,

यूँ तो हर लम्हा तेरी याद का बोझल गुज़रा,
दिल को महसूस हुई तेरी कमी शाम के बाद,

यूँ तो कुछ शाम से पहले भी उदासी थी ‘अदीब’,
अब तो कुछ और बढ़ी दिल की लगी शाम के बाद,

Lyrics: Krishan Adeeb
Singer: Jagjit Singh

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