कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

नवम्बर 20, 2007

फूल भरे है दामन दामन


फूल भरे है दामन दामन,
लेकिन वीरान गुलशन गुलशन,
अक्ल की बातें करने वाले,
क्या समझेगे दिल की धड़कन,
कौन किसी के दुःख का साथी,
आपने आसू अपना दामन,
तेरा दामन छोडू कैसे,
मेरी दुनिया तेरा दामन,

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