कुछ पल जगजीत सिंह के नाम

दिसम्बर 1, 2007

मुझे होश नहीं


मुझे होश नहीं, मुझे होश नहीं,
कितनी पी कैसे कटी रात मुझे होश नहीं,
रात के साथ गयी बात , मुझे होश नहीं,

मुझको ये भी नहीं मालुम के जाना है कहाँ,
थाम ले कोई मेरा हाथ मुझे होश नहीं,

जाने क्या टुटा है पैमाना के दिल है मेरा,
बिखरे बिखरे है ख्यालात मुझे होश नहीं,

आंसुओं और शराबो मे गुजर है अब तो,
मैने कब देखी थी बरसात मुझे होश नहीं,

Lyrics: Rahat Indori
Singer: Jagjit Singh

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